Saturday, May 28, 2016

वास्तविक हिंदुत्व

हिंदुत्व क्या है।एक दृष्टि है।संसार को देखने की दृष्टि।जीने की दृष्टि।मैं सोचता हूँ वह कौन सा धर्म है जिसने सबको जगह दी।जिसने इस्लाम में भी अपना भाई खोजा और ईसाई में भी अपने को देखा।मुझे यह जो हथियारों का प्रशिक्षण लेने वालो की तस्वीरें दिखती हैं तो सोचता हूँ की क्या यह हिंदुत्व है।आग उगलती ज़बानो को देखता हूँ तब सोचता हूँ की क्या यह हिंदुत्व है।तब दिल कहता है हरगिज़ नही।हिंदुत्व तो कोमल दिल में फूटा बरगद का कोपल है।जो मोहब्बत और अपने पन से एक दिन बरगद बन कर छाँव देगा।दिल कहता है जब ISIS इस्लाम नही,हिरोशिमा में ईसाईयत नही तो दोस्त इन ज़हर से भरे लोगो में भी हिंदुत्व नहीं।हिंदुत्व कृष्ण की मोहब्बत में है।राम की मर्यादा में है।रामानुजन में है, जगदीश बोस में है, विनोबा और टैगोर में है।मेरा हिंदुत्व का दर्शन गाँधी और विवेकानंद में है।दयानन्द,चार्वाक और पतंजलि में है हिंदुत्व।हिंदुत्व वासुधैव कुटुंबकम में है।मैंने करीब से देखा है गुजरात दंगो के वक़्त शर्मिंदा अपने हिन्दू दोस्तों को।महीनो उनकी नम आँखों को देखा है।मोमबत्ती लिए गाँधी प्रतिमा पर खड़े देखा है।राहत का सामान जल्दी जल्दी भेजते देखा है।मुझे याद है उन दिनों मैं तो खाना खा लेता था मगर मेरा अज़ीज़ ब्राह्मण दोस्त हफ़्तों बिना खाए रहा,मेरे लिए वह हिंदुत्व है।मेरे वह दोस्त हिंदुत्व के असली सिपाही हैं जो दिल मोम सा नरम और मोहब्बत से लबरेज़ रखते हैं।वह दोस्त जिनसे मैं हिंदुत्व को सीख पाया,महसूस कर पाया वह है मेरे लिए हिंदुत्व के ध्वजवाहक।वही सच्चे हिन्दू हैं, वही हिंदुत्व की रौशनी है।मेरे लिए आतंकी,आक्रांता,विध्वंसक,दंगाई कभी हिन्दू नही हो सकता।उनके मुँह से जब हिंदुत्व सुनता हूँ तो हँसी आ जाती है इनके मामूली दिमाग पर।जब वह ज़हर से बुझी नफ़रत की बाते करते दिखते हैं तो इनका और आतंकियों का एक ही धर्म दीखता है।अगर यह वास्तविक हिंदुत्व को पहचान पाते तो आज इनकी ज़बानें नरम होती।दिल हर एक की इज़्ज़त करता।दुनिया इनकी खुशबू से मतवाली होकर सलाम करती।खैर मैं अपने हिंदुत्व में खुश हूँ।मैं इसकी व्यापक दृष्टि से खुश हूँ।कभी मौका लगे तो संकीर्णता छोड़कर इस मोहब्बत से लबरेज़ हिंदुत्व को महसूस कीजिये।दूसरों की ज़बानों से सुना हिंदुत्व उतना ही सतही है जितना दिल से महसूस किया हुआ सच्चा है।आइये उस हिंदुत्व को हवा पानी दें जो युगों से सबको गले लगाता रहा है।©

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