Friday, May 6, 2016

बेगुनाह आँखे

तुम गुनहगार हो तो तुम्हे सलाखों में देख ख़ुशी होगी अगर बेगुनाह हो तो मैं साथ हूँ।अगर तुम बेगुनाह हो तो गिरफ्तारी के वक़्त मुँह पर पर्दा मत लगाओ।तुमने कोई गुनाह नही किया इसलिए मत डरो।सबकी आँखो में आँखे डाल कर देखो ताकि यह सच्ची आँखे इनकी रातों की नींद उड़ा दे।मैं बहुतों से मिला हूँ जिन्हें कोर्ट ने बाइज़्ज़त बरी किया है।उनकी बेगुनाही कोर्ट से तो साबित हो गई मगर ज़िन्दगी पूरी तबाह हो गई।जो बेगुनाह हैं उनके और उनके माँ बाप के दिल से निकली आहें इन बेगौरतो का सुकून ज़रूर छीन लेंगी।जिन्हें लगता है यह सब बेगुनाह फंसाए जा रहे हैं सबसे पहले तो वह अपने रहनुमा नेताओं का दामन छोड़ दें,वह शेरवानी और मुर्ग़े में तुम्हारा सौदा करते रहेंगे।हर उस शेरवानी को नकार दो जो सिर्फ बयान दे।जज़्बाती बयानों ने आपके बहुत से चराग़ बुझा डाले हैं।अपनी बेगुनाही के लिए खुद लड़ें और सामूहिक गिरफ्तारियां दे दे।जेल जाए और कह दे अगर मुसलमान होना ही आतँक की निशानी है तो लो मेरे बीवी,बच्चे,माँ बाप सब आतँकी हैं।ठूँस दो इन्हें जेलों में।देखें ज़ुल्म में ज़्यादा ताकत है या सब्र में।चन्द लोग आरक्षण के लिए पूरा सूबा जला सकते हैं तो तुम अपने बच्चों की हिफाज़त के लिए शांति से गिरफ्तारी भी नही दे सकते।भर दो जेल और कोर्ट में अपील भी मत करो।देखें ज़ुल्मी कितना ज़ुल्म करता है।अगर तुम मुल्क़ के वफादार हो,दिल से सच्चे हो तो मत डरो।कह दो बुज़दिल सरकारों से की तुम हमारी क़लम छीन लो,बस्ते जला दो,बच्चों को बेगुनाही में जेल में डाल दो तब भी हम जूझेंगे।दिल में मुल्क़ की मोहब्बत लिए हर उससे लड़ेंगे जो हमारे मुल्क़ के भविष्य इन बच्चों को तबाह कर रहे हैं।हाँ इतना मुझे पता है हम लिखने वालों को भी मारा जा रहा है, मार दिए जाएँगे।जेलों में ठूँस दिए जाएँगे।निर्भया,दाभोलकर,पनसेकर,शुभा,कन्हैया,अविजित,उत्तराखण्ड समेत त्रासदियों,आदिवासियों,दलितों,परेशान ब्राह्मणों,दर्दमन्दो,पिछड़ो सबके लिए निडर लड़ा हूँ,तुम्हारे लिए भी लड़ूंगा बस तुम सच्चे हो,तुम्हारे दिलों में मुल्क़ पहले हो।मैं मरने को तैयार हूँ भारत के नागरिकों।

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