थोड़ा तो बदलाव देखता हूँ।जब सब एक जैसे रास्ते पर थे तब उन्होंने एक नया रास्ता बनाया वह भी पुरानी नीव पर।बड़ा रिस्क है ऐसे कदमो का।मुझे तो शक भी था और भरोसा भी।बात कर रहा हूँ फ़ैसल खान की।खुदाई खिदमतगार की।इनके काम को तो दुनिया जांचेगी हम तो तरीके पर बात करते हैं।शुरू में ख़ामोशी से फ़ैसल खान के हर कदम को गौर से देखा।सम्मेलन,ट्रेन,बस, पैदल यात्रा,होटल,मेहमान और बतौर मेज़बान हर तरीके को देखा।बहुत बार बहुत शक सा हुआ।दिल तो दिल है वह यक़ीन दिलाता रहा कुछ भी हो यह सही हैं।ज़िद्दी,अड़ियल रवैये पर कई बार आलोचना भी की फिर भी खूबियों ने जीत हासिल की।ज़माना उनके काम को सराहे या अनदेखा कर दे मगर इतना तो रहेगा की इस एक शख्स ने बहुतों में ऊर्जा भर दी।मैं कभी नही उम्मीद करता हूँ की फ़ैसल खान के पास भारत या किसी देश को लेकर कोई प्लान होगा।मगर सौ फीसद यक़ीन से कहूँगा की यह किसी भी प्लान को ज़मीन पर उतार सकते हैं।सबसे बड़ा यह की काहिल से काहिल लोगों से काम लेने का फ़न आता है।मैं अक्सर सोचता हूँ की मैं इनसे कितना सीख सकता हूँ।फ़ैसल खान मेरे लिए थोड़ा कठिन विषय तो हैं मगर बेहद मज़ेदार विषय हैं।फ़ैसल खान के काम और रास्ते को समझने के लिए परिवार,क़स्बा,यूनिवर्सटी,देल्ही यह सबमें उनके बिताए काम को देखना होगा।वह तुरन्त शक्तिवर्धक कैप्सूल हैं जो किसी को भी चार्ज कर सकता है यह बड़ी खूबी है मगर बहुत सी चीज़ों पर उनके विचार या तो हैं नही या तो कम हैं।फ़ैसल खान के पास चोटी के काम वाले लोग हैं।वह उनके भरोसे कुछ तो बेहतर कर ही लेंगे।हाँ रही बात मेरी तो मेरे लिए वह रास्ते की रौशनी हैं जिनके बगैर अँधेरा है।यह अँधेरा भरने की ताकत इस दौर में किसी के पास नही है।मैं इसलिए लिख रहा हूँ की आप सब फ़ैसल खान को ढूंढिए,पढ़िए,समझिये,आलोचना कीजिये,सराहिये ताकि आपकी समझ भी बढ़ सके।जारी....(एक पत्रिका में मेरा आलेख)
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