कुछ किस्से हमारे जिस्म के साथ दफ़न हो जाएँगे .मेरे जाने के बाद सिर्फ वही रह जाएगा जो दिमाग की खुराफात ने उपजा कर शब्दों में ढाला था.इसलिए जरूरी हो जाता है दिमाग में चलने वाली इन आम से ख़ास खुराफातों को कहीं न कहीं उकेर दिया जाए.अब हम पत्थरों पर शिलालेख लिख नही सकते.जानवरों की खालों,पेड़ की छालों या खंडहर की दीवारों पर कोई अभिलेख लिख नही सकते तो यहाँ आ गए.ब्लोगर पर,अपने दिमाग को दर्ज करवाने....
Thursday, October 31, 2019
बचो इनसे
प्रश्न: किससे बचकर रहें ?
उत्तर : फ़रेबी से ।
प्रश्न : फ़रेबी कौन है ?
उत्तर : अपने धर्म का कट्टर इंसान और दूसरे धर्म का सेक्युलर इंसान जिन्हें बहुत अच्छा लगता है, वही तो फ़रेबी हैं ।
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