मुझे अछे से याद है जब मई रो रहा था तब उसने मुझे चुप करवाया था। उसका एहसास ही हमें हमेशा ज़िंदा रखता है। जब पहली बार दिल खोलकर मुस्कराया था तब भी वो साथ थी। जिस दिन सबसे रूत कर जान देने चला था तब भी उसने ही रोक थंऐ हमेशा उसका कहा मानता रहा हु। शायद ही किसी को इतना चाहा हो। मेरे परिवार और दोस्तों ने भी उसे हमेशा हमारे साथ रखने की कोशिश कि. सबने मन की उसके बगैर मे अधूरा हु। हमारे हर सफर,हर कामयाबी,हर न उम्मीदी में थी। आखरी सांस लू और हमारे हाथ में उसका साथ हो ........ तुम्हे.... बहुत याद करता हु मेरी प्यारी चाय
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