Monday, February 3, 2020

घृणा नही प्रेम

नफ़रत जितनी बढ़ेगी,उसके मिटने की संभावना भी उसी अनुपात में उतनी ही तेज़ पढ़ेगी । देखिये, नफरत को खत्म ही होना है और अंत मे सहयोग और सहिष्णुता ही विजयी होगी क्योंकि यह ज़रूरत है ।
अब अगर आपको अपने इर्द गिर्द नफरत और बदले से भरे हुए लोग दिख रहे हैं । अपने धर्म के सिवा दूसरे धर्म को खलनायक की तरह देखने वालों की भीड़ बढ़ रही है । लोगों में एक दूसरे को बर्दाश्त करने की ताकत कम हो रही है, तब आपकी ज़िम्मेदारी बढ़ जाती है । यही सारे लोग ही तो प्रेम,सहिष्णुता,भाईचारा,और सहयोग के काम आएँगे,मंगल ग्रह से तो लोग आएँगे नही । इन्ही नफरत से बीमार लोगों को ठीक करना है, इनके ही साथ दुनिया को बढ़ना है, इसलिए इनसे घृणा मत कीजिये,बल्कि इनपर दया कीजिये और इनके इलाज की युक्ति खोजिए ।

गाँधी का रास्ता गांधी रटते रटते नही हो जाएगा,गांधी का रास्ता गांधी को उतारने से बनेगा । छोटी छोटी घटनाओं को,छोटे छोटे व्यक्तियों को बड़ा बनाकर सिर्फ चमक ही बटोरी जा सकती है । मैं तो इसका भी पक्षधर नही की गोडसे पर बहुत बात हो,जितनी बात होगी उतना बड़ा नाम वह तैयार होगा,मैं तो इस नाम को लिखना ही नही चाहता क्योंकि इसने कोई भी तो ऐसा काम नही किया जिसपर वक़्त दिया जाए,हत्यारों पर हम क्यों ही बात करें,हम तो उनपर बात करें,जिन्होंने दुनिया को दिशा दी हैं । ठीक उसी तरह आंदोलनों के तमाम अवरोध को हम महिमामण्डित न ही करें बल्कि उनपर बात करें जो इस मोर्चे को सम्भाले जूझ रहीं हैं ।

एक और अंतिम बात,यह गांठ बांध लो कि अंत मे विजय प्रेम की ही होनी है । यह माना हुआ सच है कि नफरत जिस शरीर मे जन्म लेगी उसे ही सबसे अधिक नुकसान पहुँचाएगी और नफरत का हार कर तबाह होना उसके पैदा होने के साथ ही तय हो जाता है, बस प्रेम,सहिष्णुता और सहयोग धारण करने वाले उसके आगे घुटने न टेके और अपनी अंतिम सांस तक इसिपर टिके रहें कि हम अपने सबसे बड़े भयँकर विरोधी ,वह चाहे जितना हिंसक,अधर्मी,कुकर्मी,खूखांर ही क्यों न हो, उससे न ही डरेंगे और न ही घृणा करेंगे,हम उसे जीतकर दिखाएँगे, यह ही गाँधी मार्ग है ।

#हैशटैग #hashtag

No comments:

Post a Comment