जो बहन कमज़ोर हो तो भाई उसकी मज़बूती बन जाए । जब भाई कमज़ोर हो तो बहन उसकी मज़बूती बन जाए । जब भाई बहन कमज़ोर हों तो परिवार उनकी मज़बूती बन जाए । जब परिवार कमज़ोर हो तो समाज उनकी मज़बूती बन जाए । हमें ऐसे ही तो रक्षाबंधन मनाना होगा । यह ज़रूरी नही की हमेशा बहन की रक्षा ही ज़रूरी है, बहुत बार बहन भी भाई की रक्षा ज़्यादा बेहतर कर सकती हैं ।
हाथों पर बंधने वाली राखी दोनों को बराबर कर्तव्य और अधिकार देती है । इनमें से जिसे भी रक्षा की ज़रूरत होगी,दूसरा उसके सामने अपने को हमेशा समर्पित करेगा ।
सभी त्यौहारों में सबसे पसंदीदा त्यौहार है रक्षाबंधन । इसमें एक डोर है, जो परिवार को जोड़ती है, एक धागा है, जो परिवार को बुनता है । एक खलिस मोहब्बत में डूबी रस्म है, जो कहती है, अपनी जान की बाज़ी लगा दो मगर इस बंधन में बंधे रिश्ते और इंसान को बचाने से पीछे मत हटो ।
रक्षाबंधन हमसे कहता है, जिसको ज़रूरत पड़े उसके लिए आप मज़बूती से खड़े हो । यह भाई का बहन के लिए खड़ा होना पहली व्याख्या तो हो सकता है मगर दर्शन कहता है कि जो कमज़ोर हो,जिसे ज़रूरत हो,उसके लिए वह खड़ा होए,जो मज़बूत है । कमज़ोर और मज़बूत भाई बहन दोनों हो सकते हैं, इसलिए इसको और बड़े नज़रिए से देखें और जाने,ज़रूरत पर हमें अपना कर्तव्य निभाना है, चाहे हम बहन हों या भाई ।
आप सबको रक्षाबंधन की बहुत बहुत बधाई । ईश्वर यह बीमारी भरा कोरोनाकाल जल्द खत्म करे, प्रार्थना । इस रक्षाबंधन हम सबकी एक राखी समस्त देश को भी होनी चाहिए । जहाँ जो भी देशवासी कमज़ोर और असहाय हो,उसकी मदद और उसे सेहत के साथ ज़िन्दा रखने का हम सभी समेत हर मज़बूत व्यक्ति का कर्तव्य है । एक दूसरे के साथ खड़े होइए । बिना रँग,जाति,धर्म,वर्ग के भेद के रक्षा का एक धागा उनसे बंधवा लीजिये,जिन्हें आपकी ज़रूरत है ।
सभी लोगों को रक्षाबंधन की बहुत बहुत बधाई💐💐💐
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