Saturday, September 21, 2019

धर्म को मत जाने

मुझे अच्छा लगता है जब कोई खुद के जुड़े धर्म के सवाल को नही बता पाता । इधर दो तीन चीज़े नज़र से गुज़री, जिनपर अच्छे अच्छे लोग ट्रोल बन गए । पहले दोनों तस्वीर समझ लीजिए ।

कौन बनेगा करोणपति में गुज़रे दिनों सोनाक्षी सिन्हा से पूछा गया कि हनुमान जी इनमे से किसके लिए संजीवनी लेने गए थे,वह नही बता पाई,इसके लिए लाइफ लाइन का इस्तेमाल किया । अब लग गए लोग उन्हें ट्रोल करने,क्या क्या नही कहा,हर एक ने कहा कि उन्हें इतना भी नही पता एक हिन्दू होकर ।

दूसरी तस्वीर भी इसी महीने की है । एक बड़ी कम्पनी में काम करने वाले आसिम चौधरी से केबीसी में सवाल किया गया कि इनमे से कौन पैगम्बर नही है । वह नही बता पाए और लाइफ लाइन इस्तेमाल करके ट्रोल के निशाने पर आ गए । हर एक नए कहा कि मुसलमान होकर उन्हें इतना नही पता कि पैगम्बर कौन है, कौन नही,जमकर गालियां खाई । पूरे खानदान को खासकर माँ बाप को गालियाँ मिली कि पढ़ाई करके लाखो की तनख्वाह तो दिलवा दी मगर इस्लाम नही बता सके ।

अब देखिए,इन दोनों को क्या मालूम है क्या नही,हम इसिपर आते हैं, इन्होंने जो काम चुना,उसमे तो यह परफेक्ट रहे । तसल्ली हुई की जितने हिन्दू ट्रोल हैं,उनसे बराबरी के मुसलमान ट्रोल भी हैं,ज़हनी जाहिल । कोई सोनाक्षी को लताड़ रहा तो कोई आसिम को,लताड़ने वाले बूढ़े नही है, नौजवान हैं । ताज़े ताज़े नौजवान,गले तक धर्म मे डूबे हुए ।

मैं बिल्कुल गलत नही मानता कि आपको अपने धर्म के बेसिक्स नही पता,मेरे लिए यह मायने रखता है कि आपको इंसानियत आती है या नही,आपमें संवेदना है या नही,आप में ईश्वर और धर्म को लेकर जीके मज़बूत है या ईश्वर के बंदों से मोहब्बत ।

अरे तुम कुरान पढ़े हो या न पढ़े हो,गीता देखे हो जीवन मे या नही,अगर तुममे लोगों के लिये हमदर्दी हो,तो बस तुम सबसे बड़े धार्मिक हो । अगर जीके सही चेक करोगे तो रावण का जनरल नॉलेज भगवान राम से ज़्यादा मज़बूत था,संवेदना तो राम में थी । अरब में पैगम्बर मोहम्मद से बहुत ज़्यादा क़ाबिल शायर और लेखक,वैज्ञानिक थे,मगर उनमें हज़रत मोहम्मद जैसी हमदर्दी नही थी,तो क्या तुम हज़रत मोहम्मद को उनके सामने खारिज करदोगे ।

इन उदाहरणों से इन लोगों को जोड़कर देखने की ज़रूरत नही है, बस समझने की ज़रूरत है कि इंसान देखो,उसकी जनरल नॉलेज नही । हो सकता है वह अपने धर्म की बेसिक चीज़ नही बता पाए,आप भी तो अपने घर मे ही अपने पर दादा या पर नाना या उनके भाइयों के नाम नही बता सकते,यह तो बमुश्किल तीन पीढ़ियों की जानकारी है, तो क्या हम आपको शून्य कह दें,हरगिज़ नही,क्योंकि आपको दूसरी बहुत सी चीज़े आती हैं ।

लोगों के कपड़े नोचना बन्द कीजिये । उन्हें कमतर साबित करके क्या ही मिलने वाला है । और यह धर्म की भेड़चाल से बचिए । आपको अगर भगवान राम की या पैगम्बर मोहम्मद की जानकारी नही है, तो इससे समाज पर कोई प्रभाव नही पड़ने वाला है । आपको तो बस अपने व्यवहार को देखना है और यह भी देखना है कि आपके होने से आपके परिवार को कोई लाभ है भी या नही,समाज को कोई लाभ है भी या नही ।

मुझे दिल से अच्छा लगा जब यह नही बता पाए अपने धर्म के सवाल को । गर्व हुआ इनके मां बाप पर की उन्होंने भयँकर धर्म से संक्रमित होते समाज मे भी इन्हें बचा रखा ।  यह भी अच्छा लगा कि देखो,जिन्हें तुम कट्टर कहते हो,उनमें ही बहुत से लोग हैं, जो कुछ भी नही जानते,मासूम हैं ।

ट्रोलर मत बनिये,हर एक को हर चीज़ जानने की ज़िम्मेदारी मत दीजिये । आप खुद को सुधारें,अगर सुधरें हैं तो और सुधारे, निखारे मगर धर्म के दरोगा मत बनिये । धर्म को दरोगाओं की आवश्यकता नही है, धर्म को सेवक चाहिए । सेवक लाठी लेकर मालिक को मारते नही हैं, उनके पाँव दबाते हैं और मालिक ईश्वर के बनाए लोग हैं । यह तो वैसे आपसे होगा नही,बस घड़ी घड़ी अपने कट्टरपन का भोंडा प्रदर्शन कीजिये,ट्रोल कीजिये,गाली दीजिये,आप ही अपने धर्म की दीमक हैं । मुझे आसिम और सोनाक्षी को देखकर खुशी हुई....

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