Friday, January 5, 2018

ख़लील ज़िब्रान

यह वह हैं जिनका असर हम अपनी ज़िन्दगी पर मानते हैं।इनके लिखे हर अल्फ़ाज़ में बुनी पहेलियों को सुलझाते हैं, यहीं से आजका रास्ता दिखता है।ख़लील कल का रास्ता भी दिखा गए हैं।पहले भी बहुत कुछ लिखा है।आज ख़लील जिब्रान का जन्मदिन है।देखिये कोई कैसे अपने दिमाग के अंदर खोकर दुनिया को रास्ता दिखाता है

ख़लील साबित करते हैं दुनिया सबसे अनोखी चीज़ अगर कुछ है तो वह इंसान का दिमाग।जितना चाहो सोचते जाओ,फैलाते जाओ,तरह तरह के क़िस्से खुलते जाएँगे।यही दिमाग को संकुचित करते जाओगे तो हिँसक होते जाओगे।अपने साथ के लोगों का ख़ून पीना शुरू करदोगे।

दिमाग को खूब खोलो,दुनिया में इससे ज़्यादा खुलने वाली चीज़ ही नही बनी।ख़लील जिब्रान को हो सके तो पढ़ना कुछ परतें तो वह आसानी से खोल देंगे मगर ज़्यादातर के लिए तुम्हे खुद कोशिश करनी होगी।दिमाग की जितनी परतो में हवा पहुँचेगी वह उतना फूल की तरह खिलता हुआ महकेगा और इसे जितना बन्द करते चलोगे,यह उतना सड़ता ही चला जाएगा।आज ख़लील ज़िब्रान को पढ़कर,उन्हें याद करें

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