पढ़ लियो अगर सही वक़्त पर नही पढ़े होगे,रट्टा मारलो, जो मज़े अलंकार में हैं वह कलाकार में नही हैं...
अनुप्रास अलंकार : अनुप्रास शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – अनु + प्रास | यहाँ पर अनु का अर्थ है- बार -बार और प्रास का अर्थ होता है – वर्ण। जब किसी वर्ण की बार – बार आवर्ती हो तब जो चमत्कार होता है उसे अनुप्रास अलंकार कहते है।
उदाहरण :सीबीआई ने सीबीआई के ऑफिस में सीबीआई अधिकारी पर छापा डाला
लाटा नुप्रास अलंकार : जहाँ शब्द और वाक्यों की आवर्ती हो तथा प्रत्येक जगह पर अर्थ भी वही पर अन्वय करने पर भिन्नता आ जाये वहाँ लाटानुप्रास अलंकार होता है। अथार्त जब एक शब्द या वाक्य खंड की आवर्ती उसी अर्थ में हो वहाँ लाटानुप्रास अलंकार होता है।
उदाहरण :सीबीआई ने सीबीआई के ऑफिस में सीबीआई ऑफिसर पर छापा डाला
यमक अलंकार : यमक शब्द का अर्थ होता है – दो। जब एक ही शब्द ज्यादा बार प्रयोग हो पर हर बार अर्थ अलग-अलग आये वहाँ पर यमक अलंकार होता है।
उदाहरण :सीबीआई ने सीबीआई के ऑफिस में सीबीआई पर छापा डाला ।
नोट : उपरोक्त उदाहरण दोनों अलंकार में इस्तेमाल हो सकता है पिछले सत्तर सालों में ऐसा कोई उदाहरण सामने नही ला पाया हिंदी जगत जहाँ अनुप्रास और यमक अलंकार साथ हों,थोड़ी मेहनत की जाए तो श्लेष अलंकार भी पलथी मारकर करीब आ सकता है ।ख़ैर यहाँ यमक इसलिए भी है की इसमें तीन जगह सीबीआई का प्रयोग हुआ है और तीनो जगह इसका अर्थ भिन्न भिन्न है ।इनमे एक सीबीआई कांग्रेस की है, एक सीबीआई भाजपा की है और एक सीबीआई कथित सांस्कृतिक संगठन विशेषज्ञ की भी है ।तीनो का अर्थ अलग है अलग है मगर मूल एक ही है अनर्थ ।
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