Friday, January 25, 2019

26 जनवरी

हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई, गोरा,काला, ऊँचा, नीचा, गरीब,अमीर,औरत,आदमी,बच्चे,बूढ़े,जवान सब की पहचान मिटकर आज के ही दिन 'हम भारतीय" की हो गई थी । आज ही सारे फ़र्क मिटाकर,हम भारत के लोग एक मुट्ठी बन गए । जो आज भी भारत के इस मूल तत्व एकता के साथ हैं । उनके लिए यह महान दिन है ।जो आज भी बंटे हुए हैं या बाँटना चाहते हैं, उनके लिए यह अफ़सोस का दिन है क्योंकि उनके घिनौने ख्वाबों पर हमारे पुरखों ने पानी डाल दिया था ।

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओं के साथ यह दोहराइये
भारत यह था,यह है,और यही यही रहेगा.......

"WE, THE PEOPLE OF INDIA, having solemnly resolved to constitute India into a SOVEREIGN, SOCIALIST, SECULAR ,DEMOCRATIC REPUBLIC and to secure to all its citizens:
JUSTICE, social, economic and political;

LIBERTY of thought , expression, belief, faith and worship;

EQUALITY of status and of opportunity; and to promote among them all

FRATERNITY assuring the dignity of the individual and the unity and integrity of the Nation;

IN OUR CONSTITUENT ASSEMBLY this twenty-sixth day of November, 1949, do HEREBY ADOPT, ENACT AND GIVE TO OURSELVES THIS CONSTITUTION"

"हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा
उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए
दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई0 (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी) को एतदद्वारा
इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।"

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