लोग कहते हैं तुम्हारी मुस्कुराहट जिंदादिली की निशानी है। एक ज़िन्दा दिल झाँकता है तुम्हारे होंठों से....
मैं सच जानता हूँ,खुद को कितना मारकर यह मुस्कुराहट आई है । मेरे यह होंठ दिल से चुरा कर मुस्कुरा रहें,यह भला मेरे सिवा कौन समझ पाएगा ।
मौत और ज़िन्दगी के बीच बस मुस्कुराहट भर का फासला है । दिल कहता है, आंख बंद करलो, सब अच्छा लगने लगेगा । मैं कहता हूँ दिल से की तुम बंद हो जाओ,सब खुद बखुद अच्छा हो जाएगा ।
हम और हमारी सांसे आजकल रोज़ लड़ती है । दोनों का एक ही लक्ष्य की शांत हो जाएं हम,या तो अंदर से या तो बाहर से,इस जद्दोजहद में होंठ मुस्कुरा देते हैं और दिल को मजबूरन एक धड़कन और बढ़ानी पड़ जाती है....
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