Monday, June 24, 2019

धर्म रक्षक

गीता का कोई श्लोक पढ़ो,जैसे ही उस गुस्से से लाल लाठीधारी ने कहा,वह नौजवान पढ़ने लगा । हुआ कुछ यूँ की अनीस अपने परिवार के संग कार से कहीं चला जा रहा था । एक जगह बहुत से लाठीधारी धर्मरक्षक युवकों की भीड़ ने उन्हें रोका । गाड़ी में बैठा अनीस और उसका परिवार डर गया । पत्नी ने कहा,अब क्या होगा । अनीस ने कहा,तुम चुपचाप पीछे रहो, मैं देखता हूँ । भीड़ में से एक लड़का टेसुए रँग का अंगौछा ओढ़े आया और बोला तुम कौन हो ।

अनीस ने कहा,मैं विशाल हूँ । उसकी पत्नी ने घूर कर अनीस को देखा । गाड़ी के पास आए लठधारी ने कहा,गीता का कोई श्लोक सुनाओ । युवक ने कहा,

ओम शुंगयम मंगल्यमन कुमंगल धारियम,नमो नमः ।

ईश्वर की रक्षा का वचन लिए उस लड़के ने अपनी जैसी भीड़ से कहा,जाने दो,भाई है,भाई है । जाते जाते यह भी पूछा कि ठंडा पानी तो नही चाहिए और बड़े आराम से जाने दिया ।

अब अनीस की पत्नी पूछती है, अनीस ,तुमने झूठ क्यों बोला और गीता का श्लोक तुमने कब याद कर लिए । अनीस बीबी को देखकर मुस्कुराया । कहा भीड़ से भिड़ जाना बेवक़ूफ़ी है ख़ासकर जब तुम साथ हो । रही बात श्लोक याद करने की,तो वह तो बस अल्लम गल्लम कुछ भी मुँह से निकाल दिया ।

पत्नी ने हैरत से पूछा,अच्छा,अगर वह यह गलत श्लोक पकड़ लेता तो क्या हाल करता हमारा ।
अनीस ने बीबी के हाथ पकड़े और कहा,यक़ीन जानो,इनमे से एक ने भी पवित्र गीता पढ़ने की तो छोड़ो, उसे नज़र भर देखी भी नही होगी । जिसने गीता को पढ़ा होगा,वह भला अत्याचार करेगा । कान्हा जिसके दिल मे होंगे,उसके हाथ दूसरे के खून से रँगने को उठ ही नही सकते ।बीबी इनको श्लोक तो छोड़ो,इनसे सँस्कृत की एक लाइन सही उच्चारित नही होगी ।

पत्नी ने अनीस को इत्मीनान से देखते हुए कहा,अच्छा यह आइडिया कहाँ से आया...
अनीस बोला,कुछ साल पहले इस्लामिक स्टेट के ऐसे ही लड़को से दूसरे धर्मों को दो चार होना पड़ता था । आज यह अपने ईश्वर का नारा लगवा रहें,कल इस्लामिक स्टेट वाले अल्लाह हू अकबर लगवाते नही थकते थे । यह कट्टरपंथी उनसे कुरान की आयत सुनते और लोग ऐसे ही कुछ गल्लम गल्लम सुना कर निकल जाते, कमबख्त वह भी पकड़ नही पाए,क्योंकि कुरान उन्होंने भी नही पढ़ा था । बीबी एक बात गिरह बांध लो,जो भी अपने धर्म की ज़िंदाबाद तलवार,लाठी,भीड़ का डर दिखाकर कहलवाए,उसके खुद के अंदर का धर्म मर चुका होता है ।

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