Tuesday, June 25, 2019

देश मेरा,राम मेरे

हाँ दर्द में हूँ ज़रूर मगर होश में भी बराबर से हूँ । अपनी गहरी नज़रों से देख रहा हूँ कि वह कौन हैं जिन्हें लिंचिंग में लाभ नज़र आ रहा है ।
मेरे दिल मे मेरे राम रहेंगे,मेरे मोहम्मद उसमे बराबर से बैठे हुए ही मेरे दिल की धड़कन रहेंगे । तुमको क्या लगता है, जय श्रीराम नाम लेकर खून बहाओगे और हम अपने राम से दूर हो जाएँगे, हरगिज़ नही ।
मैं उनपर भी नज़र टिकाए हुए हूँ, जिन्हें इस सड़ाँध में अवसर दिखाई दे रहा है । यह भी बात तय है कि चाहे देश की संसद में जितने ही विवेकहीन पहुँच जाएँ, चाहे देश का बहुत बड़ा हिस्सा मुझसे नफरत करके मेरे खून का प्यासा हो जाए,तब भी मैं अपने भारत को चोट नही पहुँचने दूंगा ।
दर्द और बेदिली जितनी भी कोई बढ़ा ले,मेरे दिल से मेरा मुल्क,मेरे राम,मेरे कान्हा,मेरे लोग,मेरा मज़हब कोई के भी खिलाफ मैं नफरत नही पैदा कर पाऊँगा ।

लिंचिंग के वीडियो देखता हूँ । यह भी देखता हूँ कि मेरे कितने ही दोस्त,जो हिन्दू हैं, सवर्ण हिन्दू हैं, यह इसलिए कह रहा हूँ कि जान लो,सवर्ण हों या पिछड़े,दलित हों या अल्पसंख्यक,सबके दिल एक ही होता है । इन दोस्तों को रोते देखा है, अपने सामने परेशान होते देखा है । लिंचिंग पर इनकी शर्मिंदा आँखे देखी हैं । मैं इनके लिए,सिर्फ इनके लिए,कभी भी यह नही कहूँगा की सब कुछ बिखर कर बर्बाद हो चुका है

लिंचिंग मेरे लिए अवसर नही है, मेरे लिए दर्द है । मैं बैठकर, खामोश यह सोचना चाहता हूँ कि इंसान को आखिर वह कौन सी सोच है, जो पल में वहशी जानवर बना देती है । मैं सोचना चाहता हूँ एक माँ के स्पर्श से निकला बच्चा,दूसरी माँ की गोद उजाड़ने को बेताब क्यों हो जाता है । मैं खामोश यह जानना चाहता हूँ कि सात जन्मों तक विवाह के बंधन को सिंदूर में  सुरक्षित रखने को आतुर लड़का,दूसरे की पत्नी को उसके पति के सात टुकड़े भेजकर ठहाके कैसे लगा लेता है, वह कौन सी चीज है, जो इन्हें दूसरे से अलग और विशिष्ट बनाती है, जिससे हत्या,वध में बदल जाती है ।

तुम जय श्री राम के नाम पर मरोगे,राम मेरे नज़दीक़ आकर बैठ जाएँगे । तुम फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद के नामपर मारोगे, भारत माता मेरे पास आकर बैठ जाएंगी । तुम धर्म के नामपर मारोगे, धर्म मेरे हाथ पर आ जाएगा,तुम इन सबसे खाली हो जाओगे,बल्कि खाली ही हो ।
जय श्रीराम का नारा तुमने चिढ़ाने,मारने का नारा बना लिया है । दोस्त,राम मेरे पास तब से ही बैठे हैं । मैं उनकी आंख देख पा रहा हूँ । मैं यहभी देख पा रहा हूँ कि तुम्हारे दिल से सब भगवान बार बारी वापस जा रहें हैं । मैं तुम्हारे दिल,जिसमे कान्हा वास करते थे,उसे खाली होते खंडहर में बदलते देख रहा हूँ । मैं तुम्हारे शरीर मे मरती हुई आत्मा को देख रहा हूँ,जाओ,और अपने शरीर को इतना हिंसक,इतना भयँकर बनाकर धार्मिक नारों को चीखकर बोलो की उन शब्दों के साथ ही धर्म और धर्म की आत्मा तुम्हारे शरीर से निकल कर अपने राम के पास चली जाए और तुम खंडहर दिल लिए हत्याएं करके,उनके खून को मुँह पर मल लो ।
मैं अपनी आखरी सांस तक अपने राम,अपने मुल्क और अपने हर उस भारतवासी को फख्र से देखता रहूँगा,जिसकी आंख भीगी हुई है । मेरे यही दोस्त मेरा भारत हैं । मेरे इन्ही दोस्तों के दिलों में राम हैं । इनमे ही सच्चा धर्म है, इसलिए मेरा मेरे राम पर भरोसा है ।
हर लिंचिंग का विरोध करेंगे, जमकर मुखालफत होगी । बिना नफा नुकसान से डरे हर राजनैतिक दोषी का नाम उछाला जाएगा । हम चीखकर तुम्हे तुम्हारा चेहरा दिखाएंगे मगर तुम यह भी देखकर तड़पोगे,की असली राम को मानने वाले असली के इंसान मेरे साथ हैं । राम के प्रेमी मेरे साथ हैं । राम के सामने दिल झुकाने वाले मेरे साथ हैं, तुम्हारे साथ सिर्फ और सिर्फ नफरत से भरे पुतले हैं, जो जीवन मे सिर्फ तुम्हारी जीत का बटन ही दबा सकते हैं, वह खाली हैं, मेरे राम वहां से कुछ कर गए,वह निपट खाली हैं,  राम अब हमारे साथ हैं ।

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