Monday, August 28, 2017

रेलवे प्रभु की

यात्रीगण ध्यान दें रेलवे लाइन के पास मत खड़े हों,बेंच पर ही बैठे रहें,ट्रेन खुद पटरी छोड़कर बेंच तक आ सकती है तो आप ज़हमत मत कीजिये।यात्रीगण रेलवे ट्रैक पर केले और आम या किसी फल के छिलके मत फेंके ट्रेन फिसल सकती है।आपकी एक गलती,सैकड़ों लोगों की मौत रेलवे को हल्का सा परेशान कर सकती है।

हाँ जिन यात्रियों के ज़ुकाम हो वह कृपा करके रेलवे ट्रैक से दूर रहें,उनकी छींक से ट्रेन का ध्यानभंग हो सकता है और वह पलट सकती है।शरारती किस्म के यात्रियों को रेलवे की अंतिम चेतावनी की वह चलती ट्रेन में लंगड़ी न लगाए,ट्रेन लुढ़क सकती है।आपकी शरारत सैकड़ों मौतों पर रेलवे को हल्के से परेशानी में डाल सकती है।

जिनके घर रेलवे लाइन के किनारे हों वह ट्रेन की लम्बाई के अनुपात में ट्रैक से दूर घर शिफ्ट करलें।क्योंकि अक्सर पैंट्री कार में खाना कम पड़ने पर चलती ट्रेन आपके किचन तक आ सकती है।आखिर रेलवे को यात्रियों को भूखों तो मारना नहीं है।

इन सबसे इतर जिनके घर का कोई व्यक्ति रेलवे में सफ़र करने जा रहा हो,उससे कहिये की सारे खानदान से मिलकर जाए।बच्चों,भाइयों के गले लग कर जाए।बाँहों पर इमाम ज़ामिन बांध दीजिये।ऐसे विदा कीजिये जैसे वह एवरेस्ट की चढ़ाई पर जा रहा हो,पता नही क्या हो,फिर भी लौट आने की उम्मीद ही रहे।पूरा घर स्टेशन के आधा किलोमीटर दूर तक छोड़ने आना चाहिए।एक्साइटेड होकर स्टेशन के ज़्यादा करीब मत चले जाइयेगा वरना पूरे परिवार को ढेर भर यात्री समझकर कोई भी ट्रेन उधर आ सकती है और आप सबका ट्रेन के अंदर की जगह नीचे आना रेलवे को हल्के से परेशान कर सकता है।

यह सब इसलिए क्योंकि प्रभु के कहने पर यमराज एन्ड कम्पनी दुनिया की सबसे विशाल,सबसे विराट,सबसे लम्बे,सबसे ऊँचे,सबसे गहरे,सबसे भयंकर,सबसे निर्मल,सबसे आध्यात्मिक,सबसे सुंदर,सबसे मज़बूत,बहुत सारे सबसे रेलवे ट्रैक पर पलथी मारकर बैठ गए हैं।यात्रीगण ध्यान दें,पर बिलकुल ध्यान न दें,ध्यान लगाएं बस।।रेलवे उनके अंतिम सफ़र में मुस्कान के साथ है.....

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