कितना खूबसूरत स्कूल है।इतना विशाल की उसकी कल्पनाएँ मन में हिलोरे पैदा कर रही हैं।इंग्लिश ऐसी की वारे जाऊँ।यहीं स्कूल की दहलीज़ से खूबसूरत चमकता हुआ सुनहरा भविष्य दिख रहा है।आने वाला कल जिसमे मेरी टेबल पर बटर एन ब्रेड के साथ इंग्लिश का रुतबेदार अख़बार होगा।चार नौकर होंगे जो मुँह से निकले लफ़्ज़ को ऐसे लपकेंगे जैसे उनकी किस्मत बदलने वाली हो।
यह सब किसे नही अच्छा लगता।यह कल्पनाएं किसे नही ललचाएँगी।मगर जो इन सबको एक झटके में तोड़ दे।जो सुनहरे स्कूल की शक्ल से मुँह फेर ले।जो बटर एन ब्रेड से हाथ हटाकर धनुष थाम ले।जो अपनी भूख में दूसरों की भूख की तड़प देखे।जिसका भरा पेट अपनों की ख़ाली थाली के तसव्वुर भर से उलटी कर दे।जिसके गले में बिलखते बच्चों को देखकर निवाले फंसने लगे।वही तो है, जिसपर आज लिखा जाएगा।जिसपर कल भी लिखा जाएगा।
सर उठाकर देखिये।रोते बिलखते नेता बहुत मिल जाएँगे।गर्दन घुमाकर कर देखिये डराने वालों की कतार लगी हुई है।एक बार दिल में झाँक कर देखिये,तब दिल कहेगा की दोस्त तुम ख़ाली हो।तुम्हारे पास कोई लीडर नही,जो दिल के ख़ौफ़ को दूर करे।जो तुम्हे डराए नही बल्कि बढ़ाए।जो तुम्हारे लिए संघर्ष करते हुए सलाखों में दम तोड़ दे।दोस्त तुम्हारे पास कोई बिरसा मुंडा नही है।
आज यह सारी खूबियाँ।मुंडा समाज को लोहा बनाने की अद्भुत कला।एक एक आदिवासी के दिल में यह डालना की तुम हो तो सब है, वरना कुछ भी नहीं।बिरतानियों के दिल में जो ख़ौफ़ बिरसा मुंडा ने भरा वोह कौन कर सकता है।आदिवासियों को जो हिम्मत दी वोह कौन कर सकता है।अपना सुनहरा कल छोड़ संघर्ष में कुर्बान बिरसा मुंडा की आज पैदाइश है।आज उनको याद करके संघर्ष सीखने का दिन है।पूरे समाज को कैसे आगे लाए,कैसे उनकी साँसों की हिफाज़त करें,सीखने का दिन है।बिरसा मुंडा जैसी शख्सियत अब पहले से ज़्यादा ज़रूरी हैं।थोड़े थोड़े बिरसा हो जाओ दोस्तों,हम सब कल का बेहतरीन भारत गढ़ेंगे।सलाम बिरसा मुंडा।
कुछ किस्से हमारे जिस्म के साथ दफ़न हो जाएँगे .मेरे जाने के बाद सिर्फ वही रह जाएगा जो दिमाग की खुराफात ने उपजा कर शब्दों में ढाला था.इसलिए जरूरी हो जाता है दिमाग में चलने वाली इन आम से ख़ास खुराफातों को कहीं न कहीं उकेर दिया जाए.अब हम पत्थरों पर शिलालेख लिख नही सकते.जानवरों की खालों,पेड़ की छालों या खंडहर की दीवारों पर कोई अभिलेख लिख नही सकते तो यहाँ आ गए.ब्लोगर पर,अपने दिमाग को दर्ज करवाने....
Monday, November 14, 2016
बिरसा मुंडा
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hafeezkidwai
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