Monday, September 4, 2017

टीचर्स डे

हज़रत निजामुद्दीन जैसे उस्ताद और अमीर खुसरु जैसे शागिर्द को सही मायने में टीचर्स डे की मुबारकबाद।इतना तो नही मगर ज़िन्दगी में जिसने भी ज़रा कुछ सिखाया है, तराशा है, बनाया या बिगाड़ा है, ऐसे सभी शिक्षक को मुबारकबाद।उन बच्चों को भी खूब मुबारकबाद जिन्होंने शिक्षक को शिक्षक नही समझा और मौका बेमौका जमकर धुनाई कर डाली,उन्हें पीटा,ऊपर से पटका, उनकी कुर्सी पर बबूल के काँटे बिछाए,यही नही कभी कभी रेलवे लाइन पर भी बांध आए।यह सब झेलने के बावजूद बच गए उन सभी शिक्षको को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई।
उन शिक्षको को भी बधाई जिन्होंने एक पान की एवज़ में पेपर लीक करवाया।जिन्होंने पढ़ाने के सिवा सबकुछ किया।जिन्होंने किताबों की जगह जाति और धर्म के इंजेक्शन लगाए।इनके योगदान से ही तो आज हर तरफ यह रँग बिखरे पड़े हैं।इन सबके बीच उन शिक्षको को भी बधाई जिन्होंने अपनी जेब से बच्चों की फ़ीस जमा की,जिन्होंने अपने घर का राशन काटकर बच्चों की किताबें मंगाई, जिनहोने शाम को बिना फ़ीस अलग से बच्चों को पढ़ाया।जिन्होंने ताउम्र चमक से दूर बच्चों को बेहतरीन इंसान बनाया।

दूसरे राष्ट्रपति पण्डित राधाकृष्ण जी के जन्मदिन से शुरू हुए  शिक्षक दिवस की मुबारकबाद,नैतिक अनैतिक जो है, सबमें शिक्षक का ही योगदान है।इसलिए आप महत्वपूर्ण है।इसलिए आपको।पलकों पर बैठाना ही चाहिए।मेरी ज़िन्दगी की हर कशीदाकारी में शिक्षक ही तो हैं।अच्छा हूँ तो,बुरा हूँ तो सबमें शिक्षक ही हैं।इसलिए ज़िन्दगी के किसी भी मोड़पर आने वाले आप सब शिक्षको को मुबारकबाद।

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