Sunday, October 1, 2017

गाँधी

देखिये गाँधी भगवान नही हैं।गाँधी को ज़बरदस्ती देवता मत बनाइये।मेरा यक़ीन न हो तो गाँधी की खादी की चादर हटा कर ख़ून के निशान देखिये।देखिये कैसे एक दिमाग़ से पैदल प्यादे ने गाँधी पर गोलियाँ चलाई।क्या गाँधी के बहते ख़ून से भी आपको नही लगता की वोह भगवान नही हैं।मैं तो कहता हूँ की आप उन्हें सन्त भी मत कहिये।गाँधी के जिस्म को देखिये तो,एक एक पसली गवाही देगी की हाँ वोह इंसान ही थे।बस पसलियों के अंदर मत झाकियेगा।

पसली के नीचे दबे दिल को मत देखिएगा,वरना ऊपर कही हर बात सवालों में ही निपट जाएगी।दिल में उनके जो मानवता बाह फैलाए बैठी है वोह आपको खींच लेगी।दिल के रास्ते गाँधी का जादू आपको जकड़ लेगा।आपके दिल में भरी नफ़रत को थपकी देकर कभी न उठने वाली नींद सुला देंगे।एक बार बिना किसी के कहे, अपने दिमाग़ से देखिये की गाँधी कौन हैं।
मैं जब लिख रहा हूँ तो गाँधी मेरे सामने ही हैं।इशारे से तारीफ़ के पुलिंदे लिखने को मना कर रहें हैं।मैं गौर से उनकी गहरी आँखों को देख रहा हूँ।

मुझे लगा वोह कुछ मायूस होंगे,मगर नहीं, उनके दिमाग में कुछ चल रहा है।वोह चाह रहे हैं कीमैं मानवता को लिखूँ।मैं अहिँसा की बात करूँ।मैं दिल जोड़ने में लगूँ।मैं देश को मोहब्बत से एक करूँ।मैं इंसानियत के ख़ून के खिलाफ आवाज़ बुलन्द करूँ।मैं बेइंसाफी को मज़बूती से खड़े होकर रोकूँ।मैं गरीब को सहारा दूँ।मैं दुनिया के सामने खूबसूरत दुनियाँ बनाने का नक्शा रखूँ।मैं बच्चे बच्चे के दिल से ख़ौफ़ दूर करूँ।मैं नफ़रत को खूब ऊँचाई से गिराकर चकनाचूर कर दूँ मगर।

हाँ मगर जैसे ही मैं सामने बैठे गाँधी से कहता हूँ की आपकी सफ़ाई को ,सिर्फ सफ़ाई ही को हम थाम रहे हैं,तो गाँधी बिना देर किये उठ कर चले जाते हैं।हमे पता है उनको धक्का लगा होगा की विचारों के अथाह प्रवाह में भी हमने क्या थामा।गाँधी को ख़ारिज मत कीजिये,क्योकि लाख कोशिश के बाद भी उन्हें ख़ारिज नही कर पाएँगे।उनके विचार को पढ़िए।आलोचना का दिल करे तो कीजिये।गाँधी, ख़ुदा नही हैं।जिनकी आलोचना गुनह हो बस यह देखिये की गाँधी कितने अहम् हैं।उनकी हर बात को परखिये।न समझ आए तो वक़्त दीजिये।

गाँधी आसानी से समझ आ जाएँगे।उनके दिल को देखिये,उसमें ज़िंदा मोहब्बत को महसूस कीजिये और देखिये दुनियाँ गाँधी के पीछे क्यों पागल हुई जा रही है।उन्हें पता है, दिल को जो सुकून देगा,वोह हैं गाँधी।जो दिल को तरावट देगा वोह हैं गाँधी।जो जोड़ेगा,जो बनाएगा,जो निखारेगा, जो ऊँचाई पर ले जाएगा,जो हमेशा दिलों को हौंसला देगा,वोह हैं गाँधी।गाँधी को अपने जैसा देखिये तो आप उन्हें जी पाएँगे।उनसे सीख आगे बढ़ पाएँगे।यही तो गाँधी है, जो थोड़ा थोड़ा हम सबमें है।इतना मान लीजिये गाँधी में ही भारत हैं और भारत की आत्मा गाँधी ही हैं।

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