Tuesday, April 28, 2020

अखिलेश यादव और कोरोना फाइट

अगर आँख और समझ दोनों आपके पास हैं, तो सच्चाई कभी भी आपसे छिप नही सकती है । लॉकडाउन और कोरोनाकाल में जिस एक कर्मचारी समूह पर सबसे अधिक काम पड़ा है,वह है पुलिस । पुलिस लोगों को रोकने,खाना पहुचाने, मरीज़ लाने, दवा ले जाने समेत हर मोर्चे पर लगी हुई है । जब भी कोई विभाग मुस्तैदी से काम करता है तो उसकी तारीफ भी होनी चाहिए और उसे आधुनिक बनाने वालों की भी तारीफ होनी चाहिए ।

यही पुलिस थी जिसके पास अच्छी गाड़ियां नही थीं, लोगों तक थाने पहुँचने और सीयूजी नम्बरो के सिवा बहुत कम पहुँच थी पुलिस तक,पुलिस का आपस मे कोर्डिनेशन बेहद पिछड़े दर्जे का था । तभी यूपी को एक दूरंदेश मुख्यमंत्री मिला ।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पुलिस को आधुनिक बनाने की पहल की और देश का सबसे महत्वपूर्ण "डायल 100" जो अब डायल 112 कर दिया गया है, ज़मीन पर उतारा गया । लखनऊ में इस आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इमारत की नींव पड़ी और हम सबके देखते देखते यह बनकर खड़ा हो गया । इसे चलाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को आधुनिक गाड़ियां दी गईं,जिसमे इंटरनेट से लैस वह लाइव लोकेशन के साथ ज़रूरतमंद तक पहुँच सकते थे । बेहतरीन बाइक्स दी गईं,बढ़िया फोन दिए गए और शानदार ट्रेनिंग दी गई ।

पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस का आलीशान पुलिस हेडक्वार्टर बनाया गया । जहाँ से आज मुश्किल घड़ी को आसान बनाया जा रहा है । पुलिस हेडक्वार्टर का ऑफिस देखकर आपको एहसास होगा कि आप यूरोप के किसी देश में हैं, इतना विकसित है यह । यह सारी चीज़ें वही पूरी कर सकता था,जिसकी आंखों में प्रदेश को अग्रणी प्रदेश बनाने के सपने हों,इसे अखिलेश यादव ने पूरा किया ।

आज जो पुलिस इतनी सहूलियत से कॉर्डिनेट कर पा रही है, उसकी बुनियाद इस सोच में है । लोहिया अस्पताल और लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान तो अपनी उपयोगिता सिद्ध ही कर चुके हैं । सैकड़ों काम हैं समाजवादी सरकार के जिसका लाभ हमे आज मिल रहा है । सबने उनके लैपटॉप का मज़ाक उड़ाया,आज जब ऑनलाइन क्लास करवानी पड़ रही,तब हमें समझ आ रही उपयोगिता । यही दूरंदेश लीडर की पहचान होती है, जो मुसीबतों से पहले व्यवस्था कर लेते हैं ।

जब आपके पास आधुनिक उपकरण हों,बेहतरीन मुख्यालय हों,बढ़िया गाड़ियां हों,आधुनिक ट्रेनिंग पाया स्टाफ हो,तब कोई भी व्यक्ति उनसे बेहतरीन काम ले सकता है । हमे पुलिस पर गर्व है कि वह इतनी मुश्किल हालात में अपने कर्तव्य को निभा रही है । अखिलेश यादव होते तो यकीनन हर पुलिसकर्मी के पास कोरोना से सुरक्षा के भी आला दर्जे के इंतज़ाम हो चुके होते,क्योंकि हम उन्हें समझते हैं । वह अपनी ज़िम्मेदारी और दूरदर्शी सोच से समझौता नही करते हैं ।

अखिलेश यादव के कामों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि क्या क्या लिखें,हम तो बस दो ही बातों पर ध्यान खींच रहे कि डायल हंड्रेड और पुलिस हेडक्वार्टर पर ही नज़र दौड़ा लें और सोचें कि अगर यह न होते तो क्या हालात होते हमारे । अखिलेश यादव का शुक्रिया की उन्होंने यह जनता के काम की चीजें अपने पहले ही वक़्त में दे दीं और पुलिस को भी सैल्यूट की उसने इन आधुनिक चीजों का सबसे मुश्किल दौर में बेहतरीन इस्तेमाल किया है । हम सब कोरोना से बचेंगे भी और बढ़ेंगे भी,पुलिस और डॉक्टर्स,पैरा मेडिकल स्टाफ और नर्स,विद्युत और जल निगम,सफाई कर्मी और नगर निगम के सभी लोगों का शुक्रिया जो इस मुश्किल घड़ी में बराबर से अपनी सेवाएं देते रहे ।
अखिलेश यादव से तो आँख फेरना मुमकिन है मगर उनके कामों से आँख फेरना नामुमकिन है । यह समझ तो आएगा ही जिस दिन आप आंख और समझ का इस्तेमाल अपने आप करना सीख लेंगे ।
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