हम नही जानते कि हममें और इनमे रिश्ता क्या है । जब ज़माना इनपर फ़ख़्र से मुस्कुराता है, तो इतनी दूर बैठे हुए,हमारे दिल मे तरावट पहुँचती है । लगता है मेरी ही तो बात हो रही है, इनके पाँव में हम खुद को देखने की कोशिश करते हैं । यह सब नौजवान हैं, सब वैसे ही मुश्किलों का सामना कर रहें,जैसे देश के सभी नौजवान कर रहें मगर यह हालात से लड़ने वाले जुझारू लोग हैं । आज जब कोरोना और लोकडाउन ने हमारी जिंदगियों की खुशियां लॉक कर दी हैं, तब यह नौजवान हैं जो अपनी अथाह से कुछ चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए उनकी भूख का इंतज़ाम कर रहे हैं ।
यह महिपाल सारस्वत हैं, पेशे से वक़ील हैं और दिल धड़कता है समाज के लिए,खुदाई ख़िदमतगार महिपाल सारस्वत और दीपक शर्मा के यह सभी साथी लूणकरणसर,बीकानेर,राजस्थान में मार्च से ही ज़रूरतमंदों को राशन मुहैया करा रहे हैं । मैं इनमे शामिल बहुत से लोगों को नही जानता हूँ मगर इनके दिलो की धड़कन और प्राणी मात्र की सेवा की ललक को महसूस कर सकता हूँ ।
इनके हाथ जब मदद को उठते हैं, तो उनमें धर्म,जाति, वर्ग का फ़र्क़ नही होता है । यह सच्चे मददगार हर ज़रूरतमन्द तक पहुँचते हैं । यह करोणों खर्च नही कर सकते मगर अपना सर्वस्त्र लगाकर मददगार बन सकते हैं ।
इनकी राशन किट में सामान के साथ इनकी।मोहब्बत गुँथी हुई है, इसमे संवेदनाएं हैं । मैं महिपाल सारस्वत को व्यक्तिगत जानता हूँ । खुद को हमेशा खुशकिस्मत मानता हूँ कि मुझे इस दुनिया मे एक ऐसा शख्स जानता है, जिसका दिल मोम का है और शरीर लोहे का,जिसकी आवाज़ आसमान तक गूंज उठती है मगर रहम इतना कि कॉकरोच भी न मरे,जो राजनीति की तमाम गुत्थियों को सुलझा सकता है मगर मदमस्त गाँव में ज़िम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है । जो कभी अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे नही हटा,जिसे कोई समाज सेवा से डिगा भी नही पाया ।
दीपक शर्मा समेत,हर एक साथी को देखिये,यह सब नौजवान हैं । वही नौजवान,जिनपर हम अक्सर लापरवाह होने के आरोप मढ़ते हैं । हम कहते हैं कि युवा बिल्कुल भी ज़िम्मेदार नही जबकि आज इस मुश्किल घड़ी में युवा ही हैं, जो हिम्मत करके ख़िदमत कर रहे हैं । पूरे देश मे युवाओं की टोली की टोली हैं जो घर घर राशन पहुँचा रही हैं । इन युवाओं के सामने सर झुकाने को दिल करता है ।
मैं गया हूँ लूणकरणसर और एक से एक मेहनती और मोहब्बत से लबरेज़ दिलों को देखा है । यक़ीन होता है कि मां बाप और रिश्तेदार एक दिन फ़ख़्र से कहेंगे कि उनके आँगन में यह शख्सियतें पैदा हुई थीं । यह सब अपने अपने घरों का नाम संसार मे रोशन कर रहे हैं । आज यह सब दुनिया की उस फेहरिस्त में शामिल हो चुके हैं, जो कोरोना महामारी में इंसानियत की खिदमत में लगी है ।
आप सब इनको आशीष दीजिये,दुआएँ दीजिये,प्रार्थना कीजिये कि यह नौजवान और मज़बूत हों,इनके नेतृत्व में हमारे घरों के बच्चे भी सेवा सीखें और हम सब मिलकर कोरोना को भी मिटा सकें और भूख और दूसरी ज़रूरतों को भी पूरा कर सके । यह ही हैं सशक्त भारत की असली तस्वीर,नाज़ है साथियों आपपर, नाज़ है खुदाई ख़िदमतगार पर,नाज़ है लूणकरणसर के हर सेवार्थी पर,आप सबको सलाम दोस्तों...
#hashatg #हैशटैग
No comments:
Post a Comment