Monday, May 8, 2017

माँ मेरे राम की नज़र

कभी जय श्री राम के नारों से मौका मिले तो मेरे राम को देखना।उनके नैन नक़्श को नही,उनके कद कामद को नही,उनकी लम्बी गर्दन और मज़बूत भुजाओ को नहीं, उनकी शँख के समान गर्दन और ऊँचा माथा नही,चमकता मुकुट और धनुष नही,बल्कि उन्हें ही देखना।जब उन्हें देखना तब उनके दिल को देखना।दिल में झाँकने की कोशिश करना।उस कोशिश में तुम महसूस करोगे की तुम्हे एक छाँव सी मिल रही है।तुम्हारे बेचैन दिल पर नरम हवा का झोखा सा महसूस होगा।

तुम पलट कर देखना की आखिर वोह क्या है जिसने मेरे राम के दिल में इस क़दर तरावट दी है।जानते हो वोह क्या है जिसने  उनको पुरुषोत्तम राम बनाया।वोह था उनका माँ के प्रति समर्पण।सब कुछ जानकर भी माँ के वचन का मान रखना उन्हें सर्वोत्तम बनाता है।कौशल्या का तो कहना हर बेटा मान सकता है मगर कैकेयी का मान रखना ही तो राम बनाता है।अब जब मदर्स डे मनाना तो मेरे उनको सामने रखना और अपने किरदार को मिलाना की तुम्हारा कोई बोल माँ को तक़लीफ़ तो नही पहुँचाता है।तुम किसी दूसरे की माँ की इज़्ज़त उतनी ही करते हो जितनी अपनी माँ की।

तुम्हारे क़दम से कोई माँ का दिल तो नही दहलता है।तुम्हारे सख़्त होते लहजे से कोई माँ खुद में तो सिमट नही जाती है।कहीं माँ तुमसे कोई फरमाइश,कोई ज़रूरत कहते तो नही डरती है, अगर यह है तो मेरा यक़ीन करो तुम मेरे राम से बहुत दूर हो।वोह मर्यादा पुरुषोत्तम राम हैं जो किसी भी माँ की तक़लीफ़ के विरुद्ध खड़े मिलेंगे।हो सके तो मेरे राम से सीखना।तमाम फ़र्ज़ी बातें होती रहेंगी।हमे पता है की बहुतों को मेरे राम के किरदार से ज़्यादा उनके नाम में मज़ा आता है।बहुत लोग नाम पर लड़ तो सकते हैं मगर उनके किरदार का रत्तीभर भी जीवन में नही उतार सकते।राम उनको सद्बुद्धि दें।

हाँ जब कभी रामराज की बात करना तो उसे परखने का केवल एक ही साधन है।जिस राज में सभी माँ सुक़ून और बेख़ौफ़ ज़िन्दगी जी रही हो,वही रामराज है बाकि सब बहकावा मात्र।और हाँ उन औरतों से भी कहते हैं की जीवन में कौशल्या बनना,अपने बच्चे को सीख देना की माँ की इज़्ज़त करें,अपनी ही नही सबकी माँ की इज़्ज़त।जिस दिन तुम किसी दूसरे की माँ का सुक़ून छीन रहे होते हो उसी छण मेरे राम और कौशल्या से कोसों दूर चले जाते हो।तुम सारे जतन कर लो मगर उनकी छाँव तक भी नही पहुंचोगे।मदर्स डे सैकड़ो बार आएँगे जाएँगे मगर जब तक तुम मेरे राम की तरह माँ की इज़्ज़त का रत्तीभर भी नही ला पाओगे तब तक यह केवल तमाशा भर है।हो सके तो मेरे राम को महसूस करना,हर माँ के दिल में वोह मुस्कुराते हुए खड़े मिलेंगे।

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