Thursday, April 21, 2016

मेरे हनुमान

दिल में मोहब्बत और रहम,रूह में ख़िदमत,जिस्म में अथाह ताकत यही तो हैं हनुमान।एक ऐसा किरदार जो सिर्फ और सिर्फ ख़िदमत से इतना ऊँचा मकाम पाए।अगर दिल में हल्की भी मोहब्बत है तो वह हनुमान हैं।किसी आँसू के लिये तड़पन है तो वह हनुमान हैं।किसी बीमार के लिए आपके कदम उठे तो उन कदमो में हनुमान हैं।औरत की अस्मत की हिफाज़त के लिए अगर आप बढ़े हैं तो उसमे हनुमान हैं।बिना फ़र्क,बिना बटे अगर किसी बुज़ुर्ग के लिए हाथ दिया है तो वह हैं हनुमान।राम जिन्हें अच्छे से पता था की हनुमान के रहते मृत्यू उनके पास भी नही आ सकती,तो हनुमान को हटाने के लिए सर्पलोक तक भेज दिया,यह थे हनुमान।वफ़ादारी और ईमानदारी की तारीख़ी मिसाल हैं हनुमान।मैं जनता हूँ मज़हब,पार्टी,सोच,फिरके हनुमान की खूबियां जानने में आपके पाँव बांधेंगे,मगर आपको अपना किरदार दुरुस्त करने के लिए हनुमान को समझना होगा।उनकी ताकत और धैर्य के सन्तुलन को समझना होगा।साहस और शाँति के खमीर को देखना होगा।तमाम नफ़रत को ताख पर रख कर अगर इस किरदार से मोहब्बत सीख सको तो सीख लो।कुछ लोग मेरे हनुमान को लड्डू,सिन्दूर, घंटी,मन्दिर में तलाशेंगे मगर अपने दिल में हर एक से बिना फ़र्क के मोहब्बत करके मेरे हनुमान के लिए अपने दिल में घर नही बनाएंगे।ज़रा भी,रत्ती भर भी भक्ति या प्रेम हो हनुमान से तो दोस्त हनुमान की तरह दिल खोलकर दिखा दो की यहाँ भी राम सीता की शक्ल में मोहब्बत है, दर्द का एहसास है, तकलीफ़ का इलाज है।मैं अपने हनुमान के किरदार में खो जाना चाहता हूँ।ज़िन्दगी को मोहब्बत और ख़िदमत के लिये ज़र्फ़ कर देना चाहता हूँ।यकीन है हनुमान हमे भी और आपको भी रास्ता दिखाएंगे।आज उनकी जयंती पर जयकारे से ज़्यादा ख़िदमत कीजिये,यही मेरे हनुमान का रास्ता है और यही आपको हनुमान तक ले जा सकेगा।

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