जो क़ौम इतिहास के पन्नों में अपनी ताक़त ढूंढेगी वह कभी मज़बूती से खड़ी नही हो पाएगी।आपके पुरखों ने जो किया वह उनकी मेहनत थी।उसकी कहानियां याद कर लें मगर अपनी कामचोरियो में उसे मत इस्तेमाल करें।उनकी गौरव गाथाओं से जितनी जल्दी हो बाहर निकल कर आज को देखो।आजकी दिक्कत को देखो।अपने पिछड़ेपन को देखो।बच्चों की आँखों में देखो की कितने ख्वाबो को मार रहे हो।दोस्त इतिहास हर क़ौम, हर मज़हब का सुनहरा ही रहा है।वह सुनहरा तुम्हारे पुरखों की कुर्बानियो से हुआ है।अगर अपने बच्चों को सुनहरा कल देना है तो आज क़ुरबानी दो।टूट कर मेहनत करो।विज्ञान में तरक्की करो ताकि ज़्यादा दिन तक मज़बूत मुल्कों के सामने हाथ फैलाकर मत खड़े होना पड़े।इल्म और मेहनत यही दोनों चीज़ें आपकी ज़िन्दगी आसान करेंगे।जो मज़हब,ज़ात पात के नाम लड़ रहे हैं उनमे ज़रा भी मोहब्बत नहीं मुल्क़ की।जो सिर्फ़ अपने धर्म के लिए लड़ रहा उसे लड़ने दो।तुम खुद और अपने बच्चों को इल्म और मेहनत में झोंक दो।तब देखना यह फ़सादी कमरों में पड़े रो रहे होंगे और तुम्हारे चेहरों पर मुल्क़ की तरक्की की चमक और मुस्कान होगी।दोस्त ख़ून का क़तरा क़तरा बच्चों की चमकदार ज़िन्दगी के लिए लगा दो।हम तो नही होंगे मगर हमारी आने वाली नस्ले अपने पुरखों की क़ुरबानी पर दुनिया से बराबरी से मुखातिब होंगी।आइये जी तोड़ मेहनत से बदल दे अपना कल।
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