Sunday, August 7, 2016

एक कदम

देखिये सीधी सी बात है अगर कोई एक कदम चले तो हमे दो कदम बढ़ कर उसे हौसला देना होगा।प्रधानमन्त्री ने इन दो दिनों में जो बातें की हैं, उन बातो को अहमियत देनी होगी।हम हर बार शक करके किसी की भी सुधार की प्रक्रिया को तोड़ देते हैं।मैं खुश हूँ,वाक़ई खुश हूँ की प्रधानमन्त्री ने उन मुद्दों पर बोला,बोला ही नही,लताड़ा।सच दिखाया।ऐसे में उनकी बात और उनको मौलिक समर्थन तो दिया ही जा सकता है।हमे उनकी कार्यवाही का इंतज़ार करना होगा,ताकि यह साबित हो जाए की वह वाक़ई दिल से आहत हैं।आपको नही पता वो जो बोले हैं उससे उनका कितना बड़ा वोटबैंक दाँव पर लग गया है।मैं करीब से देख रहा हूँ,हुड़दँगीयो की बेचैनी।वह इस बात से उनका विरोध कर रहे हैं।कोई भी सही,गैर राजनीतिज्ञ और सरल आदमी उनकी बात की मुखालफत नही कर पाएगा।हाँ हो सकता है वह बोलकर चले गए हों मगर उनके शब्द दोषियों को चुभ गए हैं क्या यह काफी नही है।हम इसके राजनीती से कई अर्थ निकाल सकते हैं मगर इस वक़्त सीधे अर्थ की तरफ बढ़ना होगा।हम और आप जो चाहते थे उसकी तरफ प्रधानमन्त्री ने कुछ शब्द उछाले हैं।उन शब्दों की इज़्ज़त करनी होगी।उन्हें हौसला दें की वह और बेहतर करें।उनमे कूव्वत है कुछ करने की बस दिशा सही हो।वोट देना न देना हमारा विषय नही मगर सही बात को सही कहना हमारा कर्तव्य ज़रूर है।मैं खुश हूँ की प्रधानमन्त्री ने अपने पद की गरिमा को बनाए रखा।देश के चरित्र को नही छेड़ा।उनके तीन दिन की बातें बता रही की कुछ तो है मेरी माटी में,हर शख्स में मोहब्बत की कोपल निकाल देती है।आज बुरे और कट्टर लोग उनके विरोध में हो गए हैं ऐसे में सही बात का समर्थन हमारा ज़्यादा ज़रूरी काम है।आप जानते हैं मैं क्यों खुश हूँ ,क्योकि वाक़ई यह बात अगर कोई और कहता तो वह बात नही आती।प्रधानमन्त्री ने एक झटके में कट्टरपंथी और हिँसक हुड़दँगीयो को अलग कर दिया है।अब वह परिवार देखें की उन्होंने अपने घर में दँगाई,हुड़दंगी या बवाली किसे पनह दे रखी है।प्रधानमन्त्री ने अपनी तरफ से अराजक असामाजिक लोगों को गलत,बुरा कह ही दिया है तो अब कोई सन्देह नही।आप सब तेज़ी से उनकी इस बात का समर्थन कीजिये ताकि बुरे लोग पीछे जाए।हम आप रोज़ ही कहते हैं अच्छी चीज़ों को बढ़ाइए तो हमे अपनी बात से पीछे नही हटना है।मैं प्रधानमन्त्री से खुश हूँ की उन्होंने हिंदुस्तान को जोड़ने,मोहब्बत,बराबरी की बात की है।हमारे लिए यह ज़रूरी है।जिन्हें लगता है यह झाँसा है वह एक बार उनके वोटबैंक पर नज़र डाले।उस कट्टर खेमे में पैदा हुई बेचैनी देखे।यह देखे कैसे एक झटके में उनके गुनाहों पर से पर्दा उठ गया।सहारा छूट गया।ऐसे में अच्छी बातों को बढ़ाइए।शक वक बाद में करते रहिये अभी उनको समर्थन दीजिये ताकि वह भारत को बेहतर बनाएँ जैसे औरों ने बनाया है।अभी हमे महँगाई, बेरोज़गारी,आतंकवाद,कट्टरपन,साम्प्रदायिकता,गरीबी सबसे लड़ना है।मैं एक परिवर्तन को देख रहा हूँ,आपको न भी दिखे फिर भी बेहतर बात को समर्थन दें।हाँ अगर आपको यह सब चुनावी लग रहा है तो उस राज्य की जनता को सराहिये जिसने उनको बदलने पर मजबूर कर दिया।मैं दावे से कहता हूँ मेरा मुल्क़ ज़्यादा दिन तक कट्टर नही रह सकता।हमारी ज़मीन मोहब्बत और भाईचारे के लिए बड़ी उपजाऊ हैं।नफ़रत के लिए यह ज़मीन बंजर है।पूरा इतिहास खंगाल डालिये नफ़रत को यहाँ मरते,घिसटते ही देखिएगा।आइये हम सब मिलकर,पूरी मोहब्बत के साथ एक दूसरे का साथ दें।दुनिया भारत देखती है, बंटे हुए भारतीय नही।हम सबको मिलकर भारत को खुशहाल,तरक्कीपसंद बनाना है तो ऐसे में हर छोटी,बड़ी बात जो देश को जोड़े उसे आगे बढ़ाया जाए।हमेशा की तरह आजतक मैं अपने देश के प्रधानमन्त्री की इज़्ज़त करता आया हूँ,आज भी करूँगा।मेरे देश के प्रधानमन्त्री ने मेरे देश वाली बात की है, तो समर्थन तो बनता है।बिना शक,बिना राजनैतिक विचार और बिना लाग लपेट के मैं प्रधानमन्त्री के वक्तव्य के साथ हूँ।अच्छे लोग आपमें अच्छाई को बढ़ता देख ज़रूर खुश होंगे।©

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