घर चलाना और घर बनाना दो अलग अलग काम हैं।घर चलाने में मेहनत जबकि घर बनाने में त्याग लगता है।
घर चलाना एक मेहनत करने वाले के लिए आसान है।वह जी तोड़ मेहनत करता है।शाम को सब्ज़ियों से लदा फंदा घर पहुंचता है।गुस्से से लाल पीला हर एक को घूरता है।फिर ज़रूरी सामान लेने बाजार का रुख करता है।लौटकर घर के दूसरे हिसाब किताब कर बिस्तर पर ऐसे सोता है जैसे मर गया।फिर घर बनाने वाले की ज़िन्दगी आती है।वह भी यही सारे काम करता है मगर किफायत से।इस किफायत को करने के लिए वह सबसे नरमी से बोलता है ताकि सब उसका साथ दे।वह बहुत सी ज़रूरतों,ख्वाहिशों को नज़रअंदाज़ कर घर बनाने में लगता है।रिश्ते,नाते,परिवार दोस्त सबको कम से कम में समेट कर चलता है।वह दिल को मारता है,ख्वाहिशों को मारता है और मेहनत,त्याग,समर्पण से घर की बुनियाद डालता है।मेरी नज़र में घर चलाने और और बनाने वाले दोनों महान हैं।यह वह लोग हैं जो बहुतों की खुशियो के लिए रोज़ ज़हर पीते हैं।बच्चों की रोटी के लिए बॉस की ओले जैसी गालियो को सुनते हैं।घर के प्लास्टर के लिए कँजूस,खासीस जैसे नामों को बर्दाश्त करते हैं।सच तो यह है की अगर ऐसे मज़बूत,लड़ने वाले महान लोग किसी परिवार में न हों तो वह परिवार बने ही ना, ढह जाए।यह एक पूरे कुनबे की उम्मीद और हौसला होता है।अक्सर कुछ चिड़चिड़े हो भी जाते हैं फिर भी यह बेहद मज़बूत,खुशमिजाज़ और मेहनती होते हैं।एक बार अपने घर को चलाने वाले दो हाँथो को देखो,महसूस करो,सर खुद बखुद झुक जाएगा।घर बनाने वाले को याद करो,देखो कैसे उसने यह चार इंची नीव डाली होगी,उस पर सलाम बनता है।हमारे इर्द गिर्द ही हमारे हीरो,हमारे आदर्श हैं, उन्हें पहचान लो तो सैकड़ो मील दूर आदर्शो का रोना न रोना पड़े।यह सिर्फ छुपे हुए हमारे महान लोगों के लिए जिनको हम सब नज़रअंदाज़ करते हैं। ©
कुछ किस्से हमारे जिस्म के साथ दफ़न हो जाएँगे .मेरे जाने के बाद सिर्फ वही रह जाएगा जो दिमाग की खुराफात ने उपजा कर शब्दों में ढाला था.इसलिए जरूरी हो जाता है दिमाग में चलने वाली इन आम से ख़ास खुराफातों को कहीं न कहीं उकेर दिया जाए.अब हम पत्थरों पर शिलालेख लिख नही सकते.जानवरों की खालों,पेड़ की छालों या खंडहर की दीवारों पर कोई अभिलेख लिख नही सकते तो यहाँ आ गए.ब्लोगर पर,अपने दिमाग को दर्ज करवाने....
Saturday, May 14, 2016
वह लोग
Labels:
hafeezkidwai,
idols,
Love,
lucknow,
sufi
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment